युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा संघ
स्वयंसेवक हर बस्ती तक पहुंचाएंगे संघ के कामों को
भोपाल। मध्य भारत प्रान्त में विगत तीन वर्षों से संघ का कार्य अपेक्षा के अनुरूप बढ़ रहा है। शताब्दी वर्ष में हमने पूर्ण प्रान्त का लक्ष्य लिया है, हम इस लक्ष्य के समीप पहुंच रहे हैं। वर्तमान में 1814 में से कुल 1662 मंडल संघकार्य युक्त हैं। पिछले वर्ष के प्रान्त में कुल 3072 शाखाएं लग रही थीं, जो बढ़कर 3674 हो गयी हैं। संघ के काम को अब हर बस्ती तक पहुंचाया जाएगा। युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण, सेवा गतिविधियों और पंच परिवर्तन पर केंद्रित कार्यक्रम किए जाएंगे।
भोपाल स्थित शारदा विहार में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य भारत प्रान्त की प्रान्त बैठक में यह जानकारी प्रान्त कार्यवाह हेमंत सेठिया ने दी। बैठक में प्रान्त में संघ कार्य की स्थिति की समीक्षा की गई और शताब्दी वर्ष की तैयारियों की चर्चा की गई। प्रान्त बैठक में प्रान्त कार्यकारिणी, विभाग कार्यकारिणी और जिला टोली शामिल रहती है। इस प्रकार लगभग 550 दायित्ववान कार्यकर्ता बैठक में शामिल रहे। संघकार्य की समझ बढ़ाने एवं कार्यकताओं के व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से संघ प्रतिवर्ष संघशिक्षा वर्गों को आयोजन करता है। तीन दिवस के 128 प्रारंभिक वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 6900 स्वयंसेवक शामिल हुए। 7 दिवस की अवधि के 44 प्राथमिक वर्गों में 2251 स्वयंसेवक शामिल हुए। इसी तरह, 8 विभिन्न संघ शिक्षा वर्गों में कुल 1112 स्वयंसेवकों ने संघकार्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शताब्दी वर्ष पर प्रांत में संघ की योजना
विजयादशमी-2025 उत्सव कार्यक्रम में अधिकतम स्थानों पर गणवेश में कार्यक्रम। मण्डल, खंड, नगर स्तर पर संचलन भी निकालने की योजना है।
व्यापक गृह संपर्क अभियन के तहत प्रत्येक गाँव एवं बस्ती के प्रत्येक घर तक संपर्क करने की योजना है। पूर्व में वर्ष 2000 में डॉ. केशव हेडगेवार की जन्मशती एवं श्रीराममंदिर के लिए श्रद्धा निधि संग्रह के लिए भी स्वयंसेवक समाज में व्यापक स्तर पर संपर्क कर चुके हैं।
हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम के तहत सभी मंडलों और बस्तियों में हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक के जीवन में एकता और सद्भाव, राष्ट्र के विकास में सभी का योगदान और पंच परिवर्तन में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी, का संदेश दिया जाएगा।
सद्भाव बैठक के तहत खंड, नगर स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें एक साथ मिलकर रहने पर बल दिया जाएगा। बैठकों का उद्देश्य सांस्कृतिक आधार और हिन्दू चरित्र खोए बिना आधुनिक जीवन जीने का संदेश देना होगा। उन्होंने महाकुम्भ का उदाहरण दिया, जहां सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आए थे।
