छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए कॉलेजों में खुलेंगे ’स्टूडेंट सर्विस सेंटर’
अवसाद से छात्रों को बचाने उच्च शिक्षा विभाग की पहल
भोपाल। प्रदेश में बढ़ते छात्र अवसाद और आत्महत्या की घटनाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से राज्य के सभी कॉलेजों में स्टूडेंट सर्विस सेंटर शुरू किए जाएंगे, जहां छात्रों को मानसिक तनाव से राहत देने के लिए नियमित काउंसलिंग की जाएगी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार इन एसएससी में फिजिकल और मेंटल हेल्थ काउंसलर्स नियुक्त किए जाएंगे। हर सेंटर का संचालन एक प्रोफेसर के नेतृत्व में होगा और यहां छात्रों को मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियाँ व सेशंस उपलब्ध कराए जाएंगे। काउंसलिंग के अलावा फिटनेस वेलनेस, योग और हेल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम भी संचालित होंगे। यूजीसी द्वारा कुलपतियों और कॉलेज प्राचार्यों से सुझाव लेने के बाद यह निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के समग्र विकास विशेषकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले राजधानी भोपाल स्थित एम्स में भी ‘हाउस ऑफ क्लब्स’ की शुरुआत की गई है, जिसमें जूनियर डॉक्टरों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए सिंगिंग, डांसिंग, पेंटिंग जैसे क्रिएटिव कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।
