चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराएंगे शिक्षक
आज से लागू होगी स्कूल शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था
भोपाल। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत करीब चार लाख शिक्षकों की उपस्थिति अब चेहरे की पहचान के माध्यम से दर्ज की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की यह नई व्यवस्था आज, 10 जून से पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। इसके तहत शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ‘एम शिक्षा मित्र’ ऐप के माध्यम से प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
विभाग बीते चार वर्षों से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहा है। पहले भी ‘एम शिक्षा मित्र’ ऐप के जरिए हाजिरी लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी खामियों और नेटवर्क की समस्या के चलते यह प्रणाली पूरी तरह सफल नहीं हो सकी थी। अब ऐप को तकनीकी रूप से बेहतर बनाकर दो जिलों कृ उज्जैन और नरसिंहपुर कृ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परीक्षण किया गया है। इन जिलों में सफल ट्रायल के बाद यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत शिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक फेस रिकग्निशन तकनीक से सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्कूलों में दूसरे के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी और शिक्षकों की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि हो सकेगी।
नेटवर्क की कमी नहीं बनेगी बाधा
ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐप को इस तरह तैयार किया गया है कि नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में भी हाजिरी दर्ज की जा सकेगी। जैसे ही मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा, डेटा अपने आप अपडेट हो जाएगा। साथ ही, ऐप सार्थक पोर्टल से भी कनेक्ट रहेगा, जिससे कर्मचारी की लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य जरूरी कार्य भी पूरे किए जा सकेंगे।
