राजस्व के लिए शराब बेचना है तो सही दाम पर बेचें
एमआरपी से ज्यादा कीमत पर बिक रही शराब, सिंघार ने बोला हमला
भोपाल। प्रदेश में एमआरपी से ज्यादा दाम पर बिक रही शराब को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब हर चीज बाजार में एमआरपी पर बिक रही है तो शराब एमआरपी से ज्यादा दाम पर क्यों बिक रही है? उन्होंने कहा कि राजस्व के लिए अगर सरकार को शराब का विक्रय करना है तो सही दाम पर शराब की बिक्री कराई जाए।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि प्रदेश में शराब की कीमतों के घोटाले का जिम्मेदार कौन है। जब बाजार में हर चीज एमआरपी पर मिलती है, तो शराब की दुकानों पर शराब मनमानी कीमत पर क्यों बिक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसलिए कि यह एक बड़ा खेल है और इस खेल में कई अफसर और शराब माफिया की टीमें खेल रही हैं। बिना राजनीतिक शह के न तो आबकारी-अफसर हिम्मत कर सकते हैं और न शराब माफिया। सिंघार ने कहा कि समझ लीजिए कि इस गोरखधंधे की डोर किसके हाथ होगी। आश्चर्य की बात तो यह कि आबकारी आयुक्त ने 1 अप्रैल से प्रदेश की हर शराब दुकान पर रेट लिस्ट चस्पा करने का आदेश दिया, कीमत भी तय कर दी, पर इसका पालन नहीं हुआ। इंदौर में तो 2 महीने बाद भी किसी दुकान पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं करवाई गई। जबलपुर कलेक्टर ने तो इस मामले में कार्रवाई भी की। मनमाने दाम पर बिकती शराब के हिस्सेदारों ने ही दुकानों को ऐसा न करने की हिम्मत दी होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये जानकारी उपमुख्यमंत्री और आबकारी विभाग संभालने वाले जगदीश देवड़ा की जानकारी में भी आई होगी। उन्होंने कुछ किया नहीं या उन्हें करने नहीं दिया गया! शराब की मूल कीमत और ख़रीददारों से वसूली गई कीमत का फर्क ही सारे खेल की जड़ है। सिंघार ने कहा कि मैं तो प्रदेश में शराबबंदी का पुरजोर समर्थक हूं, पर, सरकार इस पर विचार ही नहीं कर रही। फिर भी राजस्व के लिए शराब बेचना सरकार की मजबूरी है, तो सही कीमत पर तो बिके।
