औचक निरीक्षण में तीन कामों में मिली खामियां, ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
भोपाल। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में तीन निर्माण कार्यो में खामियां मिली है। इसके बाद संबंधितों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभाग द्वारा 8 जून से 10 जून तक प्रदेश में विशेश निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला लिया है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर विभाग के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा औचक निरीक्षण की एक कार्ययोजना के अंतर्गत हर माह में दो दिन अचानक चयनित कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे। इसी श्रृंखला में प्रदेश के रायसेन, खरगौन, सीधी, देवास, छतरपुर, सिवनी एवं दतिया जिलों में मुख्य अभियंताओं के सात निरीक्षण दलों द्वारा 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। इनमें से 14 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क, पुल), 9 कार्य पी.आई.यू. (भवन), 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 3 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम तथा 2 कार्य एन.एच. के सम्मिलित थे। निरीक्षण दलों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा बैठक प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम भरत यादव की अध्यक्षता मे हुई।
ठेकेदारों पर कार्रवाई
समीक्षा में तीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। सीधी जिले में सीधी-सिंगरौली मार्ग पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब होने के कारण ठेकेदार मेसर्स तिरुपति बिल्कॉन प्रा. लि. शहडोल के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दतिया जिले में पीडब्ल्यूडी बिल्डिंग निर्माण कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स अनिरुद्ध सिंह सेंगर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। इसी जिले में सेमई से मार पाहड़िया होते हुए चिरहोली मार्ग का कार्य भी असंतोषजनक पाया गया, जिसके लिए ठेकेदार मेसर्स तिवारी कंस्ट्रक्शन, राजस्थान के विरुद्ध कार्रवाई के संबंधित मुख्य अभियंता को निर्देश दिए हैं।
