पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, सीबीआई जांच की मांग
0
भोपाल। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन काम कर रहे गृह विभाग, जो खुद मुख्यमंत्री के पास है, उसी में यह बड़ा घोटाला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों पदों पर भर्ती के दौरान असली अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाए गए और दस्तावेजों में फोटो, हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और हैंडराइटिंग तक मेल नहीं खा रहे। फर्जी आधार कार्ड के ज़रिए बड़े स्तर पर धांधली की गई है।
उन्हांने सवाल उठाया कि भर्ती माफिया किसके संरक्षण में काम कर रहा है? क्यों मुख्यमंत्री इस गंभीर मामले पर चुप हैं? उन्होंने दावा किया कि घोटाले की परतें हर दिन खुलती जा रही हैं और इसके तार बिहार व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी जुड़े हैं। उन्होंने इसे व्यापमं, नर्सिंग, परिवहन, पटवारी और बिजली विभाग जैसे पुराने घोटालों की कड़ी में एक और कड़ी बताया और कहा कि इन घोटालों से प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ किया गया है। सिंघार ने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए, पूरी परीक्षा रद्द की जाए और निष्पक्षता के साथ दोबारा परीक्षा करवाई जाए। साथ ही सीबीआई से इसकी जांच कराई जाए।
बख्शे नहीं जाएंगे मुन्ना भाई
भाजपा विधायक व महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि जो भी मुन्ना भाई है, कोई भी बख्शे नहीं जाएंगे। डॉ मोहन यादव की सरकार है, परत दर परत उनके नाम और चेहरे सामने आते जा रहे हैं। ऐसे लोग जिन्होंने मध्य प्रदेश के चेहरे को दूषित करने का काम किया है, उनके खिलाफ सरकार काम कर रही है, मुख्यमंत्री कम कर रहे हैं। कोई भी ऐसा व्यक्ति जो इसमें इनवॉल्व है चाहे वह कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन काम कर रहे गृह विभाग, जो खुद मुख्यमंत्री के पास है, उसी में यह बड़ा घोटाला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों पदों पर भर्ती के दौरान असली अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाए गए और दस्तावेजों में फोटो, हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और हैंडराइटिंग तक मेल नहीं खा रहे। फर्जी आधार कार्ड के ज़रिए बड़े स्तर पर धांधली की गई है।
उन्हांने सवाल उठाया कि भर्ती माफिया किसके संरक्षण में काम कर रहा है? क्यों मुख्यमंत्री इस गंभीर मामले पर चुप हैं? उन्होंने दावा किया कि घोटाले की परतें हर दिन खुलती जा रही हैं और इसके तार बिहार व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी जुड़े हैं। उन्होंने इसे व्यापमं, नर्सिंग, परिवहन, पटवारी और बिजली विभाग जैसे पुराने घोटालों की कड़ी में एक और कड़ी बताया और कहा कि इन घोटालों से प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ किया गया है। सिंघार ने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए, पूरी परीक्षा रद्द की जाए और निष्पक्षता के साथ दोबारा परीक्षा करवाई जाए। साथ ही सीबीआई से इसकी जांच कराई जाए।
बख्शे नहीं जाएंगे मुन्ना भाई
भाजपा विधायक व महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि जो भी मुन्ना भाई है, कोई भी बख्शे नहीं जाएंगे। डॉ मोहन यादव की सरकार है, परत दर परत उनके नाम और चेहरे सामने आते जा रहे हैं। ऐसे लोग जिन्होंने मध्य प्रदेश के चेहरे को दूषित करने का काम किया है, उनके खिलाफ सरकार काम कर रही है, मुख्यमंत्री कम कर रहे हैं। कोई भी ऐसा व्यक्ति जो इसमें इनवॉल्व है चाहे वह कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
