गुटबाजी खत्म करें, एकजुट होकर काम करें
संगठन सृजन अभियान की शुरूआत करते हुए राहुल गांधी ने दिया कड़ा संदेश
भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजधानी भोपाल में कांग्रेस के नए अभियान “संगठन सृजन अभियान“ की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी संगठन को मजबूत बनाना है। अपने भोपाल दौरे के दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न बैठकों में भाग लिया। उन्होंने सख्त तेवर दिखाते हुए नेताओं को गुटबाजी समाप्त करने, एकजुट होकर काम करने और संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने का कड़ा संदेश दिया।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि संगठन सृजन के दौरान किसी भी तरह का मैनिपुलेशन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं कोई शिकायत मिली तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन का भविष्य सुंदर बनाने के लिए यह संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है। सभी नेताओं से गुटबाजी खत्म करने और मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे; आप सब मिलकर निर्णय लेंगे और यदि बदलाव की आवश्यकता होगी तो हम करेंगे।
सही व्यक्ति को सही स्थान देना जरूरी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा की मदद करने वाले नेताओं की पहचान की जानी चाहिए और संगठन में सही व्यक्ति को सही स्थान पर रखा जाना चाहिए। जिला अध्यक्षों के चयन के बारे में उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी मिलने पर उनका दायित्व भी तय किया जाएगा।
जिला कमेटियों को मजबूत बनाने का निर्देश
मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि राहुल गांधी और सभी सदस्यों ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया है, जिसका परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला कांग्रेस कमेटियों को मजबूत बनाना पार्टी के लिए अनिवार्य है। टिकट वितरण में जिला कमेटियों की सिफारिश महत्वपूर्ण रहेगी। जिले के अध्यक्षों के चयन में किसी भी प्रकार की सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए एआईसीसी के ऑब्जर्वर और पीसीसी के पर्यवेक्षक का एक पैनल गठित किया जाएगा।
चार विधायक नहीं पहुंचे बैठक में
राहुल गांधी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी ली। इस बैठक में लगभग सभी विधायक मौजूद रहे, लेकिन चार विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। जो विधायक बैठक में शामिल नही हुए उनमें विधायक अभिजीत शाह, हनी सिंह बघेल, आतिफ अकील और सचिव यादव शामिल है।
राहुल गांधी का संस्कारों को लेकर विवादित कदम
भोपाल प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं अपनी दादी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। लेकिन इस अवसर पर उन्होंने एक अनुचित कदम उठाते हुए, इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर जूते पहनकर फूल अर्पित किए। इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे संस्कार नहीं हैं। जूते पहनकर श्रद्धांजलि देना भारतीय संस्कारों के विरुद्ध है।
अब लंगड़ा घोड़ा घर जाएगा
राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस बारात के घोड़े को रेस में भेज देती थी और रेस के घोड़े को बारात में भेज देती थी। एक रेस का घोड़ा होता है। एक बारात का घोड़ा होता है। मुझे मध्य प्रदेश में आकर पता चला कि तीसरा लंगड़ा घोड़ा भी होता है। अब रेस का घोड़ा रेस में जाएगा। बारात का घोड़ा बारात में और लंगड़ा घोड़ा घर जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा के दबाव में बयान देते हैं। कुछ अपनी फ्रस्ट्रेशन मिटाने के लिए बयान दे देते हैं। कुछ भाजपा को सहयोग करने के लिए बयान देते हैं। जिला अध्यक्षों के जरिए मैं भविष्य के 55 नेता तैयार करना चाहता हूं. बिना जिला अध्यक्षों के लोकल बॉडी चुनाव और विधानसभा चुनाव के टिकट तय नहीं होंगे।
ऐसे दस नेता जो सरकार बनाने का रखते हैं माद्दा
विधायक दल की बैठक में राहुल ने विधायकों से कई सवाल पूछे और सुझाव भी लिए। इसी दौरान सेमरिया के विधायक अभय मिश्रा ने राहुल गांधी से कहा कि हमें मध्यप्रदेश में कोई ऐसा नेता नहीं नजर आता, जिसके भरोसे हम चुनाव जीत पाए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि आपको भले नजर न आते हों, लेकिन मुझे 10 ऐसे नेता नजर आते हैं, जो मध्यप्रदेश में नेतृत्व करने की क्षमता और सरकार बनाने का माद्दा रखते हैं। सभी को एक जुट होकर चुनाव लड़ना होगा।
कमलनाथ आए हैं, यह बहुत है
कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक की तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में विधायक आरिफ मसूद के बगल में रखी कुर्सी खाली दिखाई दे रही है। इस कुर्सी पर नकुलनाथ का नाम लिखा हुआ है। नकुलनाथ की गैरमौजूदगी ने कई राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान जब कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक से इसे लेकर सवाल किया तो उन्होंने मीडिया के सवालों पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि, ’कमलनाथ आए हैं यह बहुत है।
