भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाएं भवन
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत विभाग के अंतर्गत जिला पंचायत तथा जनपद पंचायतों हेतु बनने वाले भवन भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाएं जाएं।
मंत्री पटेल ने सोमवार को विकास भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन भवनों में ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर ऊर्जा से विद्युत आपूर्ति जैसी आधुनिक सुविधाओं का अनिवार्य रूप से समावेश करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय भवनों को नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाएं। पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने नवीन जिला पंचायत कार्यालय भवन एवं नर्मदा परिक्रमा पथ में विश्राम गृह की प्रस्तावित डिजाइन का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने कहा यह भवन कार्यालयीन अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत भवनों में आने वाले आम नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप छाया, पेयजल, शौचालय और साफ सफाई की पर्याप्त व्यवस्था हो। उन्होंने नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए बनाए जाने वाले विश्राम गृहों को सर्व सुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इन गृहों के निकलने वाला ग्रे-वॉटर नर्मदा एवं सहायक नदियों में न मिले। ये वॉटर का ट्रीटमेंट कर जल का समुचित उपयोग करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी अपने सुझाव देने को कहा।
पेसा एक्ट का क्रियान्वयन हमारी प्राथमिकता
मंत्री पटेल ने इस दौरान पेसा एक्ट के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदायों के हित में पेसा एक्ट का प्रभावी कियान्वयन हमारी प्राथमिकता है, इसके लिए ठोस कदम उठाएं जाएं। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ और पेसा को ऑर्डिनेटर की संयुक्त ट्रेनिंग कराने के निर्देश दिए।
