सामने आया विजय शाह का वीडियो, मांगी माफी
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अपनी बात को बताया भाशायी भूल
भोपाल। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करके विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री विजय शाह का वीडियो सामने आया है। वीडियो में विजय शाह एक बार फिर से माफी मांगते नजर आ रहे हैं। विजय शाह ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। करीब 8 दिन की चुप्पी और एसआईटी के गठन के बाद अब विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और अपनी बात को “भाषाई भूल“ करार दिया है।
विजय शाह ने वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा है कि जयहिन्द। पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मैं मन से बहुत दुखी एवं विचलित हूं, मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर एवं सम्मान हमेशा रहा है। मेरे द्वारा कहे गये शब्दों से समुदाय, धर्म, देशवासियों को दुख पहुंचा है। यह मेरी भाषाई भूल थी। मेरा आशय किसी भी धर्म, जाति एवं समुदाय को ठेस पहुंचाने या आहत करने का नहीं था। मैं भूलवश अपने द्वारा कहे गये शब्दों के लिए पूरी भारतीय सेना से, बहन कर्नल सोफिया से, एवं समस्त देशवासियों से पूरी तरह से क्षमा प्रार्थी हूं और पुनः हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने 19 मई को एसआईटी का गठन कर दिया। इस टीम में सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा, विशेष सशस्त्र बल के डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी की पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह को शामिल किया गया है। हालांकि हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में इस बात पर असंतोष जताया कि पुलिस द्वारा की गई एफआईआर की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं थी।
भोपाल। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करके विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री विजय शाह का वीडियो सामने आया है। वीडियो में विजय शाह एक बार फिर से माफी मांगते नजर आ रहे हैं। विजय शाह ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। करीब 8 दिन की चुप्पी और एसआईटी के गठन के बाद अब विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और अपनी बात को “भाषाई भूल“ करार दिया है।
विजय शाह ने वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा है कि जयहिन्द। पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मैं मन से बहुत दुखी एवं विचलित हूं, मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर एवं सम्मान हमेशा रहा है। मेरे द्वारा कहे गये शब्दों से समुदाय, धर्म, देशवासियों को दुख पहुंचा है। यह मेरी भाषाई भूल थी। मेरा आशय किसी भी धर्म, जाति एवं समुदाय को ठेस पहुंचाने या आहत करने का नहीं था। मैं भूलवश अपने द्वारा कहे गये शब्दों के लिए पूरी भारतीय सेना से, बहन कर्नल सोफिया से, एवं समस्त देशवासियों से पूरी तरह से क्षमा प्रार्थी हूं और पुनः हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने 19 मई को एसआईटी का गठन कर दिया। इस टीम में सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा, विशेष सशस्त्र बल के डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी की पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह को शामिल किया गया है। हालांकि हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में इस बात पर असंतोष जताया कि पुलिस द्वारा की गई एफआईआर की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं थी।
