विजय शाह की टिप्पणी पर संगठन गंभीर, अदालत के फैसले अनुसार उठाएंगे कदम
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भोपाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में मंत्री विजय शाह की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पार्टी संगठन ’गंभीर’ है और इस बारे में उच्चतम न्यायालय जो भी निर्णय देगा, राज्य सरकार उसके अनुसार कदम उठाएगी।
प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए शर्मा ने कहा कि शाह ने जो टिप्पणी की थी, वह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने एक व्यवस्था दी है और उसके अनुसार एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उच्चतम न्यायालय फैसला लेगा और राज्य सरकार उस फैसले का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला होगा, उस पर राज्य सरकार निर्णय लेगी। भाजपा संगठन की तरफ से शाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से संबंधित एक सवाल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसकी अपनी एक पद्धति होती है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले में बहुत गंभीर है। शाह के पास जनजातीय कार्य विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग हैं।
कैबिनेट बैठक में ना जाने का हो सकता है व्यक्तिगत कारण
आरोपों से घिरे शाह मंगलवार को इंदौर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में नजर नहीं आए। इस बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि इसके पीछे ’कुछ व्यक्तिगत कारण’ हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होता है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कोई अनुपस्थित ना हो। समय-समय पर किन्हीं कारणों से पहले भी कई मंत्री बैठकों में नहीं आए हैं। विजय शाह का कोई कारण हो सकता है।
प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए शर्मा ने कहा कि शाह ने जो टिप्पणी की थी, वह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने एक व्यवस्था दी है और उसके अनुसार एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उच्चतम न्यायालय फैसला लेगा और राज्य सरकार उस फैसले का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला होगा, उस पर राज्य सरकार निर्णय लेगी। भाजपा संगठन की तरफ से शाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से संबंधित एक सवाल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसकी अपनी एक पद्धति होती है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले में बहुत गंभीर है। शाह के पास जनजातीय कार्य विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग हैं।
कैबिनेट बैठक में ना जाने का हो सकता है व्यक्तिगत कारण
आरोपों से घिरे शाह मंगलवार को इंदौर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में नजर नहीं आए। इस बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि इसके पीछे ’कुछ व्यक्तिगत कारण’ हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होता है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कोई अनुपस्थित ना हो। समय-समय पर किन्हीं कारणों से पहले भी कई मंत्री बैठकों में नहीं आए हैं। विजय शाह का कोई कारण हो सकता है।
