स्थानांतरण नीति में भेदभाव के लगाए आरोप
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भोपाल। सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभय मिश्रा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर स्थानांतरण नीति में पक्षपात, भेदभाव और तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है, बल्कि संवैधानिक प्रावधानों और जनप्रतिनिधियों की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रही है।
मिश्रा ने खुलासा किया कि रीवा में हाल ही में आयोजित स्थानांतरण नीति की बैठक की जानकारी उन्हें जानबूझकर नहीं दी गई, जबकि अन्य विधायकों और सांसदों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा, “यह उपेक्षा केवल मेरी नहीं, बल्कि सेमरिया की जनता का अपमान है। विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, न कि किसी राजनीतिक दल का गुलाम। इस प्रकार की तानाशाही रवैया लोकतंत्र के लिए खतरा है। स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है। यह नीति जनहित के लिए नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के हितों को साधने और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
मिश्रा ने खुलासा किया कि रीवा में हाल ही में आयोजित स्थानांतरण नीति की बैठक की जानकारी उन्हें जानबूझकर नहीं दी गई, जबकि अन्य विधायकों और सांसदों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा, “यह उपेक्षा केवल मेरी नहीं, बल्कि सेमरिया की जनता का अपमान है। विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, न कि किसी राजनीतिक दल का गुलाम। इस प्रकार की तानाशाही रवैया लोकतंत्र के लिए खतरा है। स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है। यह नीति जनहित के लिए नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के हितों को साधने और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
