नरवाई जलाने वालों को नहीं मिलेगा मुख्यमंत्री कल्याण योजना का लाभ
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सरकार हुई सख्त, अगले साल एमएसपी पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा
भोपाल। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में सरकार अब सख्त कदम उठा रही है। कई किसानों पर कार्रवाई किए जाने के बाद भी प्रदेश प्रायः सभी जिलों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए अब सरकार ने फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा।
समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश किया है कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। इसके बाद भी प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में नरवाई जलाने की शिकायतें मिली है, जिस पर कलेक्टर द्वारा किसानों पर कार्रवाई भी की गई है। इस कार्रवाई के तहत किसानों पर जुर्माना कर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
भोपाल। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में सरकार अब सख्त कदम उठा रही है। कई किसानों पर कार्रवाई किए जाने के बाद भी प्रदेश प्रायः सभी जिलों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए अब सरकार ने फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा।
समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश किया है कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। इसके बाद भी प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में नरवाई जलाने की शिकायतें मिली है, जिस पर कलेक्टर द्वारा किसानों पर कार्रवाई भी की गई है। इस कार्रवाई के तहत किसानों पर जुर्माना कर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
