गुना पुलिस अधीक्षक को हटाए जाने पर गर्माई सियासत
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस हुई सरकार पर हमलावर
भोपाल। प्रदेश के गुना में हनुमान जयंती पर 2 पक्षों में हुए विवाद की गाज पुलिस अधीक्षक पर गिरी है। संजीव कुमार सिन्हा को गुना पुलिस अधीक्षक के पद से हटा दिया गया है और उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया। गुना पुलिस अधीक्षक के तबादले पर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य सरकार पर दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि गुना पुलिस अधीक्षक का तबादला सामान्य परिस्थितियों में हुआ तबादला नहीं है, बल्कि साम्प्रदायिक दंगा रोकने और दंगाइयों के खिलाफ कार्यवाही कर शांति और सौहार्द स्थापित करने की उन्हें सरकार ने सजा दी है। सिंह के मुताबिक पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा था कि विहिप और संघ से जुड़े लोगों ने ही बिना अनुमति जलूस निकालकर, आपत्तिजनक नारे और डीजे बजाते हुए मस्जिद के सामने उत्पात मचाया था। इन्हीं की हरकतों के कारण दंगा हुआ है। इसके चलते इन तत्वों के खिलाफ भी तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। माकपा नेता ने कहा है कि संघ यह कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि उसी के नियंत्रण में चलने वाली सरकार के होते हुए उनके उत्पातियों पर मुकदमा दर्ज हो जाए। इन्हीं के दबाव में पुलिस अधीक्षक को कानून व्यवस्था बनाए रखने, साम्प्रदायिक सद्भाव की रक्षा करने और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के अपराध की सजा एक निष्ठावान पुलिस अधीक्षक को दी गई है।
भाजपा पार्षद पर कार्रवाई की वजह से हटाया एसपी को
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद पर कार्रवाई की वजह से पुलिस अधीक्षक को हटाया गया है। भाजपा पार्षद ने पहले भी शहर की फिजा बिगाड़ने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन हमेशा भाजपा नेता उसे बचा लेते हैं। इसी के साथ ही उन्होंने सवाल उठाया है कि पार्षद की शिकायत पर कुछ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया क्या यह सब न्यायपूर्ण है। मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है।
भोपाल। प्रदेश के गुना में हनुमान जयंती पर 2 पक्षों में हुए विवाद की गाज पुलिस अधीक्षक पर गिरी है। संजीव कुमार सिन्हा को गुना पुलिस अधीक्षक के पद से हटा दिया गया है और उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया। गुना पुलिस अधीक्षक के तबादले पर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य सरकार पर दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि गुना पुलिस अधीक्षक का तबादला सामान्य परिस्थितियों में हुआ तबादला नहीं है, बल्कि साम्प्रदायिक दंगा रोकने और दंगाइयों के खिलाफ कार्यवाही कर शांति और सौहार्द स्थापित करने की उन्हें सरकार ने सजा दी है। सिंह के मुताबिक पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा था कि विहिप और संघ से जुड़े लोगों ने ही बिना अनुमति जलूस निकालकर, आपत्तिजनक नारे और डीजे बजाते हुए मस्जिद के सामने उत्पात मचाया था। इन्हीं की हरकतों के कारण दंगा हुआ है। इसके चलते इन तत्वों के खिलाफ भी तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। माकपा नेता ने कहा है कि संघ यह कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि उसी के नियंत्रण में चलने वाली सरकार के होते हुए उनके उत्पातियों पर मुकदमा दर्ज हो जाए। इन्हीं के दबाव में पुलिस अधीक्षक को कानून व्यवस्था बनाए रखने, साम्प्रदायिक सद्भाव की रक्षा करने और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के अपराध की सजा एक निष्ठावान पुलिस अधीक्षक को दी गई है।
भाजपा पार्षद पर कार्रवाई की वजह से हटाया एसपी को
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद पर कार्रवाई की वजह से पुलिस अधीक्षक को हटाया गया है। भाजपा पार्षद ने पहले भी शहर की फिजा बिगाड़ने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन हमेशा भाजपा नेता उसे बचा लेते हैं। इसी के साथ ही उन्होंने सवाल उठाया है कि पार्षद की शिकायत पर कुछ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया क्या यह सब न्यायपूर्ण है। मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है।
