सीधी भर्ती के अधिकारियों को सौंपी जा सकती है संभाग की कमान
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भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना की तैयारी तेज हो गई है। कई अधिकारियों के बदले जाने की बात सामने आ रही है। इनमें संभागायुक्तों के बदले जाने की चर्चा तेज है। इसके पीछे कारण है कि जबलपुर सहित तीन संभागों के आयुक्त आगामी तीन माह में सेवानिवृत्त होंगे, इसके चलते इन संभागों के संभागायुक्तों को बदला जा सकता है। वहीं इनके स्थान पर इस बार सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारियों को संभागों की कमान सौंपी जा सकती है।
प्रदेश में 10 संभागों में से 9 संभागों में आयुक्त पदस्थ हैं, जिनमें से ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री के पास चंबल संभागायुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार है। 9 संभागायुक्तों में से 3 अधिकारी सीधी भर्ती के आईएएस हैं, जबकि 6 अधिकारी प्रमोटी आईएएस हैं। जिसकी वजह सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारी भोपाल, इंदौर के अलावा अन्य संभागों के आयुक्त बनना ही नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि सीधी भर्ती के सचिव स्तर के अधिकारी या तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पद पदस्थ हैं या फिर विभागाध्क्ष की कमान संभाले हुए हैं। जबकि सचिव स्तर के प्रमोटी आईएएस संभागायुक्त या उपायुक्त पदस्थ हैं। इंदौर में सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारी संभागायुक्त रहते आए हैं, लेकिन मोहन सरकार ने इस परिपाटी को बदला है। अभी 2007 बैच के प्रमोटी आईएएस दीपक सिंह इंदौर संभागायुक्त हैं। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम और शहडोल में सीधी भर्ती के आईएएस संभागायुक्त हैं। शेष अन्य संभाग उज्जैन में संजय गुप्ता, ग्वालियर में मनोज खत्री, रीवा में बाबूसिंह जामौद, सागर में वीरेन्द्र रावत और जबलपुर में अभय वर्मा आयुक्त हैं। जबलपुर आयुक्त इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वहीं सागर संभागयुक्त वीरेन्द्र रावत इसी साल जून और उज्जैन संभागायुक्त संजय गुप्ता जुलाई में सेवानिवृत्त होंगे। वर्तमान में आईएएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही एक बड़ी सर्जरी सरकार कर सकती है। इनमें संभागायुक्तों के बदलाव के आसार है। इस बार सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारियों को संभागों की कमान सौंपी जा सकती है।
प्रदेश में 10 संभागों में से 9 संभागों में आयुक्त पदस्थ हैं, जिनमें से ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री के पास चंबल संभागायुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार है। 9 संभागायुक्तों में से 3 अधिकारी सीधी भर्ती के आईएएस हैं, जबकि 6 अधिकारी प्रमोटी आईएएस हैं। जिसकी वजह सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारी भोपाल, इंदौर के अलावा अन्य संभागों के आयुक्त बनना ही नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि सीधी भर्ती के सचिव स्तर के अधिकारी या तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पद पदस्थ हैं या फिर विभागाध्क्ष की कमान संभाले हुए हैं। जबकि सचिव स्तर के प्रमोटी आईएएस संभागायुक्त या उपायुक्त पदस्थ हैं। इंदौर में सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारी संभागायुक्त रहते आए हैं, लेकिन मोहन सरकार ने इस परिपाटी को बदला है। अभी 2007 बैच के प्रमोटी आईएएस दीपक सिंह इंदौर संभागायुक्त हैं। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम और शहडोल में सीधी भर्ती के आईएएस संभागायुक्त हैं। शेष अन्य संभाग उज्जैन में संजय गुप्ता, ग्वालियर में मनोज खत्री, रीवा में बाबूसिंह जामौद, सागर में वीरेन्द्र रावत और जबलपुर में अभय वर्मा आयुक्त हैं। जबलपुर आयुक्त इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वहीं सागर संभागयुक्त वीरेन्द्र रावत इसी साल जून और उज्जैन संभागायुक्त संजय गुप्ता जुलाई में सेवानिवृत्त होंगे। वर्तमान में आईएएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही एक बड़ी सर्जरी सरकार कर सकती है। इनमें संभागायुक्तों के बदलाव के आसार है। इस बार सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारियों को संभागों की कमान सौंपी जा सकती है।
