स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे गीता, रामचरित मानस और रामायण के प्रसंग
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सुघोष कार्यक्रम में घोषणा
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गीता, रामचरित मानस और रामाणय के प्रसंग पढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री विद्या भारती के सुघोष दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भोपाल के ओल्ड कैम्पियन ग्राउंड पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रामचरितमानस जैसे ग्रंथ हमारे पाथेय और मार्गदर्शक हैं। रामचरित मानस सहित गीता और महाभारत के प्रसंगों को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। यह प्रसंग नैतिक शिक्षा और आध्यात्म की शिक्षा में सहायक होंगे। ज्ञान का सर्वश्रेष्ठ प्रकटीकरण अपनी मातृभाषा में होता है। अंग्रेजी के आधिपत्य को समाप्त कर मातृभाषा में शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। इसी दिशा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में कराने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि कहा कि भारत अत्यंत प्राचीन और महान राष्ट्र है। यहाँ की परम्पराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए विद्या भारती द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरू रहा है। शिक्षा के तीन उद्देश्य हैं ज्ञान अर्जित करना, कौशल विकास और नागरिकता के संस्कार विकसित करने की दिशा में विद्या भारती द्वारा संचालित गतिविधियों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के प्रकटीकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। सुघोष दर्शन जैसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता में वृद्धि के साथ सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रवृत्ति में वृद्धि कर संगठन क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा“ वाक्य ने किया देश में ऊर्जा का संचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों क्रांतिकारियों के कड़े संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप हमें स्तवंत्रता प्राप्त हुई। आजादी के बाद लंबे समय तक कई क्रांतिकारियों का उल्लेख तक नहीं किया गया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का अंग्रेजों से मुक्ति में महत्वपूर्ण योगदान रहा। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा“ के उनके वाक्य ने पूरे देश में ऊर्जा का संचार किया। उनके नेतृत्व में ही आजाद हिन्द फौज ने सबसे पहले देश का ध्वज फहराया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान का ऋण उतारने का प्रयास किया है।
चांदी की तस्करी में रखकर नहीं मिली आजादी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने आजादी चांदी की तस्करी में रखकर नहीं दी थी। इसके लिए कई क्रांतिवीरों ने अपनी शहादत दी। मैं विद्या भारती का धन्यवाद देता हूं कि जो उन्होंने यह कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का श्रेय केवल एक खानदान को दिया गया। जबकि आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, सरदार पटेल समेत कई लोगों ने अपना योगदान दिया। सीएम ने कहा कि मैं नेताजी के चरणों में प्रमाण करता हूं।
घोष संचलन में अग्रसर हुए विद्यार्थी
सुघोष दर्शन कार्यक्रम में मधुर शर्मा द्वारा देश प्रेम और नैतिक मूल्यों पर केन्द्रित गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे भाग में विद्यार्थी आयोजन स्थल से घोष संचलन करते हुए शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के सामने स्थित नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
