प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव, मतदाता सूची का प्रकाशन 10 तक
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भोपाल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर इसी पखवाड़े में कवायद शुरू होने की संभावना है। 10 फरवरी तक अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रकाशन किए जाने के संकेत संगठन ने दिए हैं। इसके बाद रायशुमारी होगी और नए अध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के चलते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी चुनाव में लगे हुए थे और अभी तक एक भी बार वे भोपाल नहीं आए हैं। अभी भी उनके भोपाल आने की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि अभी मतदाता सूची का प्रकाशन भी नहीं किया गया है, जिसके आधार पर रायशुमारी और निर्वाचन किया जाएगा। संगठन के सूत्रों के अनुसार मतदाता सूची तो जिलों ने भोपाल को भेज दी है, बस उसका प्रकाशन होना बाकी है। चुनाव संबंधी बैठक के बाद प्रकाशन होने में देर नहीं लगेगी। इस सूची में हर विधानसभा से एक प्रदेश प्रतिनिधि, प्रदेश की कुल विधानसभा में दो विधानसभा के एक प्रतिनिधि, जिला और शहर अध्यक्ष के साथ-साथ सांसद की 10 प्रतिशत संख्या और राज्यसभा के सदस्य मतदान करेंगे। इसके अलावा चुनाव अधिकारी की अनुमति से और भी नाम तय किए जा सकते हैं। सूची जारी होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो भाजपा के संविधान में है। माना जा रहा है कि इसी पखवाड़े में सब कुछ तय होने की संभावना है, क्योंकि संगठन पर्व में अध्यक्ष को चुनने का समय भी निकल चुका है। अब संगठन प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव को लेकर जोर देगा, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो सके और भाजपा आगामी तैयारियों में लग सके।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के चलते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी चुनाव में लगे हुए थे और अभी तक एक भी बार वे भोपाल नहीं आए हैं। अभी भी उनके भोपाल आने की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि अभी मतदाता सूची का प्रकाशन भी नहीं किया गया है, जिसके आधार पर रायशुमारी और निर्वाचन किया जाएगा। संगठन के सूत्रों के अनुसार मतदाता सूची तो जिलों ने भोपाल को भेज दी है, बस उसका प्रकाशन होना बाकी है। चुनाव संबंधी बैठक के बाद प्रकाशन होने में देर नहीं लगेगी। इस सूची में हर विधानसभा से एक प्रदेश प्रतिनिधि, प्रदेश की कुल विधानसभा में दो विधानसभा के एक प्रतिनिधि, जिला और शहर अध्यक्ष के साथ-साथ सांसद की 10 प्रतिशत संख्या और राज्यसभा के सदस्य मतदान करेंगे। इसके अलावा चुनाव अधिकारी की अनुमति से और भी नाम तय किए जा सकते हैं। सूची जारी होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो भाजपा के संविधान में है। माना जा रहा है कि इसी पखवाड़े में सब कुछ तय होने की संभावना है, क्योंकि संगठन पर्व में अध्यक्ष को चुनने का समय भी निकल चुका है। अब संगठन प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव को लेकर जोर देगा, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो सके और भाजपा आगामी तैयारियों में लग सके।
