परीक्षा कापी के मूल्यांकन से दूरी बना सकते हैं शिक्षक
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पिछला बकाया पेमेंट नहीं मिलने से खफा हुए शिक्षक
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की अगले माह होने वाली कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा की कापियां के मूल्यांकन को लेकर शिक्षकों की नाराजगी अभी से सामने आ रही है। शिक्षकों ने इस बार मूल्यांकन कार्य से दूरी बनाने की रणनीति तय की है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि शिक्षकों को बोर्ड द्वारा पिछले साल का बकाया पेमेंट अब तक नहीं मिला है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में पर्यवेक्षक और मूल्यांकन कार्य सरकारी शिक्षकों से ही कराया जाता है। इसका शिक्षकों को पेमेंट भी किया जाता रहा है। मगर पिछले कुछ सालों से ऐसा हो रहा है कि शिक्षकों को समय पर मूल्यांकन कार्य का पेमेंट नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों का तो यह भी आरोप है कि पिछले साल हुई परीक्षा के दौरान कापियों का मूल्यांकन कार्य करने वाले अधिकांश शिक्षकों को अब तक पेमेंट ही नहीं किया गया है। जिन शिक्षकों को पेमेंट नहीं मिला उनमें इंदौर और उज्जैन संभाग के अधिकांश शिक्षक शामिल होना बताया जा रहा है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है और वे परीक्षा कापियों के मूल्यांकन कार्य से दूरी बनाए रखने की तैयारी कर रहे हैं।
आजाद शिक्षक अध्यापक संघ के उपाध्यक्ष केके आर्य ने इस बात की पुष्टि की है कि कई शिक्षकों को कॉपी मूल्यांकन कार्य का पेमेंट नहीं मिला है। इससे इस बार शिक्षक कापियों के मूल्यांकन करने से दूरी बना सकते हैं। उनका कहना है कि शिक्षक हमेशा सरकार के आदेशों का तत्परता से पालन करते रहे हैं, मगर सरकार उनके पेमेंट में देरी करती है। सरकार और खासकर माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड को इस मामले में शिक्षकों का लंबित भुगतान जल्द कराना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस बार शिक्षक मूल्यांकन कार्य से दूरी बना सकते हैं।
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की अगले माह होने वाली कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा की कापियां के मूल्यांकन को लेकर शिक्षकों की नाराजगी अभी से सामने आ रही है। शिक्षकों ने इस बार मूल्यांकन कार्य से दूरी बनाने की रणनीति तय की है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि शिक्षकों को बोर्ड द्वारा पिछले साल का बकाया पेमेंट अब तक नहीं मिला है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में पर्यवेक्षक और मूल्यांकन कार्य सरकारी शिक्षकों से ही कराया जाता है। इसका शिक्षकों को पेमेंट भी किया जाता रहा है। मगर पिछले कुछ सालों से ऐसा हो रहा है कि शिक्षकों को समय पर मूल्यांकन कार्य का पेमेंट नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों का तो यह भी आरोप है कि पिछले साल हुई परीक्षा के दौरान कापियों का मूल्यांकन कार्य करने वाले अधिकांश शिक्षकों को अब तक पेमेंट ही नहीं किया गया है। जिन शिक्षकों को पेमेंट नहीं मिला उनमें इंदौर और उज्जैन संभाग के अधिकांश शिक्षक शामिल होना बताया जा रहा है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है और वे परीक्षा कापियों के मूल्यांकन कार्य से दूरी बनाए रखने की तैयारी कर रहे हैं।
आजाद शिक्षक अध्यापक संघ के उपाध्यक्ष केके आर्य ने इस बात की पुष्टि की है कि कई शिक्षकों को कॉपी मूल्यांकन कार्य का पेमेंट नहीं मिला है। इससे इस बार शिक्षक कापियों के मूल्यांकन करने से दूरी बना सकते हैं। उनका कहना है कि शिक्षक हमेशा सरकार के आदेशों का तत्परता से पालन करते रहे हैं, मगर सरकार उनके पेमेंट में देरी करती है। सरकार और खासकर माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड को इस मामले में शिक्षकों का लंबित भुगतान जल्द कराना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस बार शिक्षक मूल्यांकन कार्य से दूरी बना सकते हैं।
