सांसद, मंत्री, प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे लघु वेतन कर्मचारी
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भोपाल। लघु वेतन कर्मचारी संघ का संभागीय सम्मेलन उज्जैन में आयोजित किया गया। सम्मेलन में मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर चार चरणों में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। सम्मेलन में सांसद, मंत्री, प्रभारी मंत्रियों को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 24 जनवरी को प्रदेश के सभी 55 जिलों में सांसद, मंत्री और प्रभारी मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा सम्मेलन में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए, जिनमें सबसे प्रमुख था संयुक्त परामर्श समिति की बैठकें नियमित रूप से न होना। राज्य सरकार के बार-बार निर्देश देने के बावजूद इन बैठकों का आयोजन नहीं हो रहा है, जिससे स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। एक अन्य गंभीर मुद्दा जनजाति कार्य विभाग के छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों का सामने आया, जिन्हें तीन से चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही कई विभागों में कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जा रहा है। सभी संभाग अध्यक्षों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और उच्च पद प्रभार के लिए आदेश जारी कराने की मांग की। मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। मोर्चे के प्रमुख घटक के रूप में संघ के सभी 55 जिलों के अध्यक्ष आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 24 जनवरी को प्रदेश के सभी 55 जिलों में सांसद, मंत्री और प्रभारी मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा सम्मेलन में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए, जिनमें सबसे प्रमुख था संयुक्त परामर्श समिति की बैठकें नियमित रूप से न होना। राज्य सरकार के बार-बार निर्देश देने के बावजूद इन बैठकों का आयोजन नहीं हो रहा है, जिससे स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। एक अन्य गंभीर मुद्दा जनजाति कार्य विभाग के छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों का सामने आया, जिन्हें तीन से चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही कई विभागों में कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जा रहा है। सभी संभाग अध्यक्षों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और उच्च पद प्रभार के लिए आदेश जारी कराने की मांग की। मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। मोर्चे के प्रमुख घटक के रूप में संघ के सभी 55 जिलों के अध्यक्ष आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
