सरकार जान की सुरक्षा की गारंटी दे तो सौरभ आएगा सामने
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सौरभ के वकील ने कहा सरकार को लिखा पत्र
भोपाल। प्रदेश आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर लगातार छापामार कार्रवाई जारी है। सौरभ को लेकर जांच एजेंसियां लुक आउट नोटिस जारी किया जा चुका है। इस बीच सौरभ ने सरकार को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। वकील ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा मिलेगी तो जल्द वापिस आ जाएगा।
वकील सूर्यकांत भुजाड़े के मुताबिक सौरभ ने लिखा है कि उसे, उसकी पत्नी, मां और बच्चो को मिले जान की सुरक्षा को गारंटी तो जांच एजेंसियों के सामने आकर हर जांच का बड़ा खुलासा करेगा। इस मामलें में ब्यूरोक्रेट्स और राजनेता जुड़े के नाम हैं। सौरभ आसान है, इसलिए टारगेट कर सब सौरभ पर डाल दिया गया है। सरकार जान की सुरक्षा की गारंटी दे तो सौरभ सामने आने को तैयार है। वकील ने बताया कि लोकायुक्त प्रेस कांफ्रेंस करे कि उससे सौरभ को जान का खतरा नहीं, बल्कि वो सुरक्षा मुहैया करवाएगी। जांच एजेंसियों ने माइंड सेटअप ही बना लिया कि आरोपी सौरभ है, जबकि इसमें दूसरे लोग जिम्मेदार हैं। जो पैसा पकड़ा गया है वो सौरभ शर्मा का नहीं है। पकड़ा गया सोना, कैश, अकूत संपत्ति सब ब्यूरोकेट्स और राजनेताओं का है। यह पुराना सिंडिकेट है। यह 7 साल के कांस्टेबल का अपराध नहीं है।
भोपाल। प्रदेश आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर लगातार छापामार कार्रवाई जारी है। सौरभ को लेकर जांच एजेंसियां लुक आउट नोटिस जारी किया जा चुका है। इस बीच सौरभ ने सरकार को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। वकील ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा मिलेगी तो जल्द वापिस आ जाएगा।
वकील सूर्यकांत भुजाड़े के मुताबिक सौरभ ने लिखा है कि उसे, उसकी पत्नी, मां और बच्चो को मिले जान की सुरक्षा को गारंटी तो जांच एजेंसियों के सामने आकर हर जांच का बड़ा खुलासा करेगा। इस मामलें में ब्यूरोक्रेट्स और राजनेता जुड़े के नाम हैं। सौरभ आसान है, इसलिए टारगेट कर सब सौरभ पर डाल दिया गया है। सरकार जान की सुरक्षा की गारंटी दे तो सौरभ सामने आने को तैयार है। वकील ने बताया कि लोकायुक्त प्रेस कांफ्रेंस करे कि उससे सौरभ को जान का खतरा नहीं, बल्कि वो सुरक्षा मुहैया करवाएगी। जांच एजेंसियों ने माइंड सेटअप ही बना लिया कि आरोपी सौरभ है, जबकि इसमें दूसरे लोग जिम्मेदार हैं। जो पैसा पकड़ा गया है वो सौरभ शर्मा का नहीं है। पकड़ा गया सोना, कैश, अकूत संपत्ति सब ब्यूरोकेट्स और राजनेताओं का है। यह पुराना सिंडिकेट है। यह 7 साल के कांस्टेबल का अपराध नहीं है।
