उपचुनाव से पहले नाराज नेताओं को साधने में जुटी भाजपा
दावेदारी कर रहे सीताराम को बनाया सहरिया विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष
भोपाल। प्रदेश में भाजपा ने विजयपुर में होने वाले उपचुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। भाजपा अपने नाराज नेताओं को अभी से साधने के प्रयास में जुट गई है। इसके चलते पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी की नाराजगी को कम करने के लिए पार्टी ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिलाते हुए सरकार से पद दिला दिया है।
प्रदेश में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होना तय है। वहीं बीना में भी उपचुनाव की तैयारी में भाजपा जुटी है, मगर वहां की विधायक निर्मला सप्रे ने अब तक कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उन पर संगठन का खासा दबाव है कि वे इस्तीफा दें, ताकि तीनों स्थानों पर एक साथ चुनाव कराया जा सके। इस बीच विजयपुर में कांग्रेस से आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत के खिलाफ पार्टी के नाराज चल रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा ने अभी से मनाने की कवायद तेज कर दी है। रावत के आने के बाद से पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी खासे नाराज चल रहे थे। उन्होंने मीडिया में आकर पार्टी से टिकट की भी मांग कर दी थी। आदिवासी के अलावा भाजपा के और भी नेता वहां पर रावत के भाजपा में आने से नाराज चल रहे हैं। इसके चलते भाजपा ने आदिवासी को साधने का प्रयास किया और उन्हें सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बना दिया गया। इस आशय के आदेश भी सरकार ने जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि विजयपुर विधानसभा सीट पर सहरिया जाति के मतदाता हार-जीत में निर्णायक भूमिका का निर्वाह करते हैं। सीताराम आदिवासी इस वर्ग से आते हैं और मतदाता के बीच अच्छी पैठ रखते हैं। इसके चलते भाजपा ने समय रहते यह कदम उठाया और उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया है।
कांग्रेस बना सकती थी रावत के खिलाफ उम्मीदवार
प्रदेश में भाजपा ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी बता दें कि भाजपा से वन मंत्री रामनिवास रावत का नाम लगभग तय होने से सीताराम अलग-थलग हो गए थे। जिसके बाद कांग्रेस लगातार की निगाह उन पर थी। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सीताराम आदिवासी को उपचुनाव में कांग्रेस से उम्मीदवार बनाए की रणनीति पर काम कर रही थी।
