समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदेगी सोयाबीन, केन्द्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
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कैबिनेट बैठक में सरकार का फैसला,
भोपाल। सरकार ने प्रदेश में समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रदेश के किसान लंबे समय से सोयाबीन खरीदी करने और मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राज्य मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग जल्द ही सोयाबीन की एमएसपी बढ़ाने और 4800 रुपए प्रति क्विंटल करने को लेकर प्रस्ताव केंद्र को भेजेगा। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में किसान लंबे समय से सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री होंगे निगम-मंडलां के अध्यक्ष
कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि सभी निगम-मंडलों में मंत्री अध्यक्ष होंगे। कैबिनेट के इस फैसले से निगम मंडलों में दावेदारी करने वालों का झटका लगेगा। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद करीब-करीब तय हो गया कि नियुक्ति के लिए दावेदारों को और इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए सरकार और संगठन पर काफी दबाव था। मगर पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है, इसके चलते सरकार अभी किसी तरह की नियुक्ति करना नहीं चाह रही है।
17 सितंबर से चलाया जाएगा स्वच्छता अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती तक चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पूर्व मंत्रियों को निर्देश दिया कि सभी 17 सितंबर को अपने-अपने प्रभार के जिलों में रहें और जनता को स्वच्छता के कार्यक्रम से जोड़ें।
राज्य सरकार मांग करेगी तो हम खरीदेंगे सोयाबीन : शिवराज
प्रदेश में किसान सोयाबीन की छह हजार रूपए पर खरीदी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी किसानों के इस मुद्दे पर मैदानी मोर्चा खोल दिया है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम राज्य सरकार मांग करेगी तो किसानों का सोयाबीन खरीदेंगे। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मांग करे तो केन्द्र सोयाबीन की खरीदी को तैयार है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान हितैषी हैं। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4 हजार 994 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हैं। हम इसी कीमत पर सोयाबीन की खरीदी कराएंगे।
कैबिनेट में लिए अन्य फैसले
बैठक में प्रदेश के संभाग, जिलों, तहसीलों के लिए गठित पुनर्गठन आयोग को मंजूरी मिली है।
उज्जैन में पवित्र क्षिप्रा नदी में वर्षभर प्रवाह बनाए रखने के लिए 614 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी मिली है। सेवर खेड़ी-सेलारखेड़ी परियोजना के तहत जलाशय की ऊंचाई बढ़ाकर जल क्षमता बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
कैबिनेट बैठक में इंदौर के पास पीथमपुर इंडस्ट्रीज एरिया में पीपीपी मोड पर बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को लेकर चर्चा हुई। जिससे साढ़े 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें कई सुविधाएं होंगी।
सागर में हॉस्पिटल को अपग्रेड किया जायेगा। 750 बेड से 1100 बेड की क्षमता वाला हॉस्पिटल बनाया जाएगा। साथ ही वहां मेडिकल की सीट बढ़कर 250 हो जाएंगी। बुंदेलखंड वासियों के लिए सौगात। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। बुंदेलखंड में तेंदूपत्ता उद्योग को पुनर्जीवित किया जाएगा। बीड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के संचालनालयों का भी एकीकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत 18 नए पद सृजित किए जाएंगे और 36 पद समाप्त कर दिए जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप कुल 636 पद होंगे, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
भोपाल। सरकार ने प्रदेश में समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रदेश के किसान लंबे समय से सोयाबीन खरीदी करने और मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राज्य मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग जल्द ही सोयाबीन की एमएसपी बढ़ाने और 4800 रुपए प्रति क्विंटल करने को लेकर प्रस्ताव केंद्र को भेजेगा। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में किसान लंबे समय से सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री होंगे निगम-मंडलां के अध्यक्ष
कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि सभी निगम-मंडलों में मंत्री अध्यक्ष होंगे। कैबिनेट के इस फैसले से निगम मंडलों में दावेदारी करने वालों का झटका लगेगा। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद करीब-करीब तय हो गया कि नियुक्ति के लिए दावेदारों को और इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए सरकार और संगठन पर काफी दबाव था। मगर पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है, इसके चलते सरकार अभी किसी तरह की नियुक्ति करना नहीं चाह रही है।
17 सितंबर से चलाया जाएगा स्वच्छता अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती तक चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पूर्व मंत्रियों को निर्देश दिया कि सभी 17 सितंबर को अपने-अपने प्रभार के जिलों में रहें और जनता को स्वच्छता के कार्यक्रम से जोड़ें।
राज्य सरकार मांग करेगी तो हम खरीदेंगे सोयाबीन : शिवराज
प्रदेश में किसान सोयाबीन की छह हजार रूपए पर खरीदी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी किसानों के इस मुद्दे पर मैदानी मोर्चा खोल दिया है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम राज्य सरकार मांग करेगी तो किसानों का सोयाबीन खरीदेंगे। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मांग करे तो केन्द्र सोयाबीन की खरीदी को तैयार है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान हितैषी हैं। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4 हजार 994 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हैं। हम इसी कीमत पर सोयाबीन की खरीदी कराएंगे।
कैबिनेट में लिए अन्य फैसले
बैठक में प्रदेश के संभाग, जिलों, तहसीलों के लिए गठित पुनर्गठन आयोग को मंजूरी मिली है।
उज्जैन में पवित्र क्षिप्रा नदी में वर्षभर प्रवाह बनाए रखने के लिए 614 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी मिली है। सेवर खेड़ी-सेलारखेड़ी परियोजना के तहत जलाशय की ऊंचाई बढ़ाकर जल क्षमता बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
कैबिनेट बैठक में इंदौर के पास पीथमपुर इंडस्ट्रीज एरिया में पीपीपी मोड पर बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को लेकर चर्चा हुई। जिससे साढ़े 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें कई सुविधाएं होंगी।
सागर में हॉस्पिटल को अपग्रेड किया जायेगा। 750 बेड से 1100 बेड की क्षमता वाला हॉस्पिटल बनाया जाएगा। साथ ही वहां मेडिकल की सीट बढ़कर 250 हो जाएंगी। बुंदेलखंड वासियों के लिए सौगात। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। बुंदेलखंड में तेंदूपत्ता उद्योग को पुनर्जीवित किया जाएगा। बीड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के संचालनालयों का भी एकीकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत 18 नए पद सृजित किए जाएंगे और 36 पद समाप्त कर दिए जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप कुल 636 पद होंगे, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
