कोलकाता जैसी घटना प्रदेश में ना हो, अस्पतालों में सुरक्षा के हों इंतजाम
मुख्य सचिव ने बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
भोपाल। प्रदेश सरकार अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गई है। इसे लेकर आज मुख्य सचिव वीरा राणा ने अचानक प्रदेश के सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग कर चर्चा की। मुख्य सचिव ने सभी को निर्देश दिए कि पश्चिम बंगाल जैसी घटना मध्यप्रदेश में कहीं भी नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा ने आज प्रदेश के सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को व्हाट्सएप मैसेज कर दो घंटे के कम समय में बैठक बुलाई। यह बैठक वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए उन्होंने ली। बैठक का मूल मुद्दा अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था का रहा। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पश्चिम बंगाल जैसी घटना मध्यप्रदेश में कहीं भी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान दिया जाए। अधिकारियों को निर्देश है कि सभी अस्पतालों में स्पेशल सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम हो, डॉक्टर्स को काम में कोई परेशानी नहीं आए। साथ ही उन्होंने बताया कि सभी जिलों में खुली सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलेगा। मुख्य सचिव ने राजस्व से जुड़े मामलों में भी तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए है। बैठक में उन्होंने जल जीवन मिशन से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी ली और काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
नियमित सुरक्षा ऑडिट किया जाए
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और नियमित सुरक्षा ऑडिट किया जाए। सीसीटीवी कैमरों से न केवल अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई भी संभव हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि सुरक्षा गार्डों को प्रशिक्षण दिया जाये ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में सही ढंग से कार्य कर सकें। उन्होंने अस्पतालों में आने वाले अटेंडरों को पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिये, ताकि अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर रोक लग सके। मुख्य सचिव ने कलेक्टर, कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था के साथ लाइट व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जांच करने के लिए कहा।
अमृत 2.0 योजना के कार्यों को समय पर करें पूरा
मुख्य सचिव ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगरीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित नगरीय निकाय डीपीआर को जल्द से जल्द तैयार करें और कार्यों को समय से पूरा करें। योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास और शहरी परिवहन के कार्यों की स्थिति की समीक्षा की और इन प्रोजेक्ट्स को समय पर और तय गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।
