आचार संहिता खत्म, आंदोलन का दौर शुरू
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प्राथमिक शिक्षक वर्ग 3 भर्ती को लेकर किया प्रदर्शन
भोपाल। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर ष्शुरू हो गया। प्राथमिक शिख वर्ग 3 की भर्ती को लेकर आज उम्मीदवारों ने राजधानी में लोक शिक्षण संचालनालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उम्मीदवारों ने मांगें पूरी ना होने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग तीन के उम्मीदवारों ने आज राजधानी स्थित लोक शिक्षण संचालनालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में अपनी मांगों के अलावा चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे संचालनालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। प्राथमिक शिक्षक उत्तीर्ण संघ के संयोजक मंगल सिंह ने बताया कि प्रदेश में लंबे समय बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती हुई। उसी में कई विसंगतियां है। हम सभी वर्गों के उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले चुके हैं। बिना किसी कारण के हमारी नियुक्ति अटकी हुई है।
उम्मीदवारों की ये है मांगें
बिना किसी कारण ओबीसी के नियुक्ति आदेश रुके हुए है उनको जारी किया जाए, जिन उम्मीदवारों की जिला एवं स्कूल चॉइसफीलिंग (वेटिंग) हो चुकी है उनको नियुक्ति दी जाए। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रयोगशाला सहायक शिक्षकों के 1696 एवं 525 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 में फर्जी दिव्यांगो की जगह वास्तविक दिव्यांगो की नियुक्ति की जाए।
संविदा नीति लागू की जाए, नहीं तो आंदोलन
राजधानी के एमपी नगर स्थित बिजली दफ्तर के सामने यूनाइटेड फोरम ऑफ इंप्लाइज और इंजीनियर्स के बैनर तले कर्मचारियों ने आज सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि 30 जून तक संविदा नीति लागू की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वह जुलाई माह में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञात हो कि जुलाई 2023 में लाल परेड मैदान में संविदा कर्मियों की महापंचायत बुलाई गई थी, उसमें कर्मचारियों के हित में फैसला लिए जाने का वादा किया गया था. इसी माह कैबिनेट की बैठक में संविदा नीति 2023 को मंजूरी दे दी गई थी। कई विभागों में नई संविधान नीति को लागू कर दिया गया है. जबकि बिजली कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बिजली विभाग में लगभग 6 हजार संविदा कर्मी हैं. जो नई संविदा नीति का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें लाभ मिल सके।
भोपाल। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर ष्शुरू हो गया। प्राथमिक शिख वर्ग 3 की भर्ती को लेकर आज उम्मीदवारों ने राजधानी में लोक शिक्षण संचालनालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उम्मीदवारों ने मांगें पूरी ना होने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग तीन के उम्मीदवारों ने आज राजधानी स्थित लोक शिक्षण संचालनालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में अपनी मांगों के अलावा चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे संचालनालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। प्राथमिक शिक्षक उत्तीर्ण संघ के संयोजक मंगल सिंह ने बताया कि प्रदेश में लंबे समय बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती हुई। उसी में कई विसंगतियां है। हम सभी वर्गों के उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले चुके हैं। बिना किसी कारण के हमारी नियुक्ति अटकी हुई है।
उम्मीदवारों की ये है मांगें
बिना किसी कारण ओबीसी के नियुक्ति आदेश रुके हुए है उनको जारी किया जाए, जिन उम्मीदवारों की जिला एवं स्कूल चॉइसफीलिंग (वेटिंग) हो चुकी है उनको नियुक्ति दी जाए। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रयोगशाला सहायक शिक्षकों के 1696 एवं 525 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 में फर्जी दिव्यांगो की जगह वास्तविक दिव्यांगो की नियुक्ति की जाए।
संविदा नीति लागू की जाए, नहीं तो आंदोलन
राजधानी के एमपी नगर स्थित बिजली दफ्तर के सामने यूनाइटेड फोरम ऑफ इंप्लाइज और इंजीनियर्स के बैनर तले कर्मचारियों ने आज सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि 30 जून तक संविदा नीति लागू की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वह जुलाई माह में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञात हो कि जुलाई 2023 में लाल परेड मैदान में संविदा कर्मियों की महापंचायत बुलाई गई थी, उसमें कर्मचारियों के हित में फैसला लिए जाने का वादा किया गया था. इसी माह कैबिनेट की बैठक में संविदा नीति 2023 को मंजूरी दे दी गई थी। कई विभागों में नई संविधान नीति को लागू कर दिया गया है. जबकि बिजली कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बिजली विभाग में लगभग 6 हजार संविदा कर्मी हैं. जो नई संविदा नीति का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें लाभ मिल सके।
