विवादित टिप्पणी मामले में घिरे आईएएस संतोष वर्मा की ट्रेनिंग पर नहीं भेजेगी सरकार
जलसंकट के कारण कलेक्टर भी मसूरी जाने की नहीं मिलेगी मंजूरी
भोपाल। ब्राह्मण बेटियों पर विवादित टिप्पणी के आरोपों से घिरे आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य सरकार ने आगामी मिड-करियर ट्रेनिंग के चौथे फेज में भी उनके मसूरी जाने पर रोक लगा दी है।
ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी करने के आरोपों से घिेरे आईएएस संतोश वर्मा का नाम मिड-करियर ट्रेनिंग में जाने के लिए आने के बाद से इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई थी। उन्हें ट्रेनिंग पर भेजने के फैसले को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। मगर अब सरकार ने फैसला लिया है कि वर्मा को ट्रेनिंग ने लिए नहीं भेजा जाएगा। सूत्रों की माने तो राज्य सरकार ने आगामी मिड-करियर ट्रेनिंग के चौथे फेज में भी उनके मसूरी जाने पर रोक लगा दी है। इससे पहले उन्हें तीसरे चरण की ट्रेनिंग से भी वंचित कर दिया गया था। दरअसल, विवाद के बाद संतोष वर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, जिसके चलते उन्हें इस बार भी हरी झंडी नहीं मिल सकी है। दूसरी ओर, प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए प्रदेश के कई जिला कलेक्टरों को भी इस ट्रेनिंग से दूर रखा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेहूं उपार्जन, परिवहन, भंडारण, गहराते जलसंकट, जनगणना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण मैदानी कार्यों के चलते कलेक्टरों को फिलहाल जिलों से कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता।
15 जून से शुरू होगा चौथा चरण
मिड-करियर ट्रेनिंग का चौथा चरण 15 जून से 10 जुलाई के बीच आयोजित होने जा रहा है। इसमें वर्ष 2000 से 2012 बैच तक के आईएएस अफसरों को शामिल होना है। इस सूची में राज्य के कई जिलों के कलेक्टरों के नाम शुमार हैं, लेकिन सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी, उसके सुरक्षित भंडारण और सुचारू परिवहन की व्यवस्था, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गहराता जलसंकट और उससे निपटने के उपाय और आगामी जनगणना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के काम की शुरुआती तैयारियां को देखते हुए अब इन अधिकारियों को कार्यमुक्त नहीं करने का मन बना चुकी है।
