भ्रष्टाचार पर कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेस नेता ने सौंपी नागरिकता छोड़ने की अर्जी
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किया समर्थन, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
भोपाल। प्रदेश के नीमच जिले में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन का एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। जिले में भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण होने के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई न होने से आहत कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने अनोखी गांधीगिरी का रास्ता चुना। उन्होंने प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर अपनी भारतीय नागरिकता से इस्तीफा देने का ज्ञापन अधिकारियों को सौंप दिया। इस अनोखे प्रदर्शन ने तब प्रदेश की सियासत में तूल पकड़ लिया, जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर इसका खुलकर समर्थन कर दिया।
नीमच कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कांग्रेस नेता पंकज तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचे। अधिकारियों के सामने पंकज तिवारी ने अपनी नागरिकता से त्यागपत्र के पत्र का सार्वजनिक वाचन किया और उसे विधिवत प्रशासन को सौंपा। तिवारी ने कहा कि जब रंगे हाथों पकड़े गए चोर को सजा मिलने के बजाय कुर्सी और सम्मान मिलता है, तो ऐसे सिस्टम में एक आम नागरिक बनकर रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। तिवारी ने अपने ज्ञापन में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण को लोकायुक्त ने तीन साल पहले रंगे हाथों पकड़ा था। उनके खिलाफ अदालत में चालान भी पेश हो चुका है, लेकिन वे अब भी पद पर हैं। इसी तरह थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमितताओं की पुष्टि स्वयं कलेक्टर की जांच में हो चुकी है। तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार प्रमाणित होने के बावजूद पंचायत अधिनियम की धारा 39 और 40 के तहत दोषियों को पद से नहीं हटाया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर भारी राजनीतिक दबाव में फाइलों को दबाकर बैठे हैं, जिससे जनता का भरोसा उठ रहा है।
दिग्विजय सिंह के ट्वीट से गरमाई राजनीति
इस स्थानीय मुद्दे को तब बड़ी राजनीतिक ताकत मिली, जब सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इसे प्रदेश स्तर पर हवा दे दी। जनसुनवाई से ठीक पहले दिग्विजय सिंह ने पंकज तिवारी के पोस्टर और संदेश को अपने सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया। इसके बाद से ही स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भोपाल की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस ने दी जन-आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने साफ किया कि यह तो महज एक सांकेतिक विरोध था। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में प्रमाणित भ्रष्टाचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पदों से बर्खास्त नहीं किया गया, तो कांग्रेस संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जिले में एक उग्र जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
