कांग्रेस मीडिया टीम में भीड़ नहीं, प्रभाव पर रहेगा जोर
छोटी पर असरदार होगी कांग्रेस प्रवक्ताओं की फौज
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस इस बार अपने मीडिया विभाग में प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों की भारी-भरकम (जम्बो) टीम बनाने से परहेज कर रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब चुनाव से ढाई साल पहले सीमित लेकिन बेहद प्रभावी प्रवक्ताओं के साथ सरकार और भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई गई है।
दिलचस्प बात यह है कि सत्ताधारी दल भाजपा की मीडिया टीम में वर्तमान में 89 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस इस संख्या के आधे लोगों को ही अपनी टीम में जगह देने की तैयारी में है। मीडिया विभाग के लिए योग्य और मुखर चेहरों की तलाश में कांग्रेस ने हाल ही में एक टेलेंट हंट आयोजित किया था। इसमें से शॉर्टलिस्ट किए गए 126 उम्मीदवारों को 13 और 14 मई को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इन्हीं उम्मीदवारों में से प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश पैनलिस्ट और राष्ट्रीय पैनलिस्ट की नियुक्तियां की जाएंगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य ऐसे चेहरों को आगे लाना है जो टीवी डिबेट्स और मीडिया के सामने तथ्यों के साथ मजबूती से पार्टी का पक्ष रख सकें।
35 से 50 के बीच सिमटेगी संख्या
जिस तरह हाल ही में जिला कार्यकारिणी के गठन में छोटा और प्रभावी आकार रखने का फॉर्मूला अपनाया गया था, वही रुख प्रवक्ताओं की नियुक्ति में भी दिखेगा। संभावना है कि पूरी टीम 35 से 50 सदस्यों के बीच ही सिमट जाएगी। इस पूरी चयन प्रक्रिया की कमान केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में है। दिल्ली से आई एक विशेष टीम ने सभी उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर उनकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की है। अब एआईसीसी अपने कड़े मापदंडों के आधार पर अंतिम नामों पर मुहर लगाएगी। दिल्ली से सूची हरी झंडी मिलने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जल्द ही आधिकारिक तौर पर इन नामों की घोषणा की जाएगी।
