योजनाओं के प्रस्ताव जल्द भेजें, जन-सेवाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं
केंद्र से बजट हासिल करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने बजट में मध्य प्रदेश के लिए विकास की असीम संभावनाएं खोली हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नॉलेज सिटी, मेडिकल हब और स्किल डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजें, ताकि आवंटित बजट का अधिकतम लाभ प्रदेश को मिल सके।
मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सक्रियता पर जोर देते हुए अधिकारियों को सलाह दी कि वे केंद्र सरकार में अपने विभाग से संबंधित संयुक्त सचिवों से महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से संवाद करें। मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। भारत सरकार को भेजे जाने वाले सभी पत्रों की प्रति आवासीय आयुक्त (दिल्ली) को भी भेजने को कहा गया है ताकि वहां से प्रभावी फॉलो-अप हो सके। ऐसे प्रोजेक्ट्स जहाँ केंद्र से समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल मुख्य सचिव के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने आश्वासनों और उत्तरों पर सख्ती
आगामी बजट सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने लंबित कार्यों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले सत्रों के शून्यकाल की सूचनाओं और अपूर्ण उत्तरों को तत्काल निराकृत करें। उन्होंने कहा कि लोक लेखा समिति की अनुशंसाओं और विभागीय आश्वासनों पर त्वरित कार्रवाई हो, विभागीय प्रशासकीय प्रतिवेदन समय पर विधानसभा को उपलब्ध कराए जाएं।
नामांतरण और ऑनलाइन सेवाओं पर फोकस
मुख्य सचिव ने ’सुशासन’ को राज्य सरकार का मूल मंत्र बताते हुए नागरिक सेवाओं में सुधार के कड़े निर्देश दिए। रजिस्ट्री के बाद अविवादित नामांतरण समय-सीमा के भीतर होना ही चाहिए। आमजन की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित 735 सेवाओं में से 135 नई सेवाओं को जल्द ऑनलाइन किया जाएगा। जो सेवाएं अब प्रचलन में नहीं हैं, उन्हें सूची से हटाया जाएगा। सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों के निराकरण को साप्ताहिक समीक्षा में सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
