भाजपा विधायक दल में बदलाव के आसार, बजट सत्र से पहले नई टीम की तैयारी
कैलाश विजयवर्गीय की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, भागीरथपुरा कांड और विवादित बयानों ने बिगाड़ा समीकरण
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले सत्तारूढ़ भाजपा अपने विधायक दल की कार्यकारिणी में बड़े फेरबदल की तैयारी में है। चर्चा है कि मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और उपनेता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इस संभावित बदलाव के केंद्र में इंदौर का चर्चित भागीरथपुरा दूषित जल कांड और वरिष्ठ नेताओं के हालिया विवादित बयान बताए जा रहे हैं।
वर्तमान में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ही मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठन का एक वर्ग मानता है कि विजयवर्गीय के पास पहले से ही भारी-भरकम विभाग हैं, ऐसे में मुख्य सचेतक के रूप में किसी अन्य वरिष्ठ विधायक की नियुक्ति से सदन में पार्टी का पक्ष और अधिक मजबूती से रखा जा सकेगा। वहीं, भागीरथपुरा की घटना और विजयवर्गीय के कुछ बयानों को लेकर उपजी असहज स्थिति ने भी इस बदलाव की सुगबुगाहट तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस विषय पर मंथन का दौर शुरू हो चुका है। सदन के सुचारू संचालन और विधायकों के बीच अनुशासन बनाए रखने के लिए मुख्य सचेतक की भूमिका रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। सरकार इस नियुक्ति के जरिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को भी साधने की कोशिश करेगी। चूंकि मुख्य सचेतक का पद कैबिनेट मंत्री के दर्जे के समान होता है, इसलिए इस पद के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा सीताशरण शर्मा और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव के नामों की चर्चा सबसे तेज है।
इन पदों पर भी हो सकती है नई नियुक्तियां
विधायक दल में केवल मुख्य सचेतक ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख पदों पर भी कैंची चल सकती है। वर्तमान उपनेता ओम प्रकाश धुर्वे के हालिया बयानों से संगठन में नाराजगी की खबरें हैं। उनके स्थान पर किसी नए चेहरे को वरीयता दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्तमान में विधायक दल के कोषाध्यक्ष भी हैं। एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के तहत उनके स्थान पर वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।
दो साल बाद भी कांग्रेस में कार्यकारिणी का इंतजार
एक ओर जहां भाजपा अपनी टीम को कसने में जुटी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में संगठनात्मक सुस्ती साफ नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव के दो साल से अधिक समय बीतने को हैं, लेकिन कांग्रेस अब तक अपने विधायक दल की कार्यकारिणी गठित नहीं कर पाई है। कांग्रेस ने हाल ही में विधायक सोहनलाल वाल्मीकि को सचेतक नियुक्त किया गया है, लेकिन अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अब भी निर्णय लंबित हैं। फिलहाल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ही अकेले कमान संभाल रहे हैं।
