पाकिस्तानी खिलाड़ी को करोड़ों रुपये में खरीदने पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- इसी पैसे से खरीदे जाते हैं गोला-बारूद
नई दिल्ली. इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग में भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने के बाद क्रिकेट जगत में भारी बवाल मच गया है. सन ग्रुप की मालकिन काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने हाल ही में हुई नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को भारी-भरकम रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया है.
इस फैसले पर भारत में सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट ही रहा था कि अब महान भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी बेहद तल्ख टिप्पणी कर दी है. उन्होंने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए साफ कहा है कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को करोड़ों की फीस देना अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत में योगदान देने जैसा है.
2.3 करोड़ में खरीदा पाकिस्तानी खिलाड़ी
द हंड्रेड लीग की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1 लाख 90 हजार पाउंड यानी करीब 2.3 करोड़ रुपये की मोटी बोली लगाकर खरीदा है. मामला यहीं नहीं रुका, टीम के कोच डेनियल वेटोरी ने नीलामी के बाद यह भी कह दिया कि एक और पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक भी उनकी राडार पर थे. इसी बात पर भड़कते हुए सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा कि भारतीय फ्रेंचाइजी के इस कदम पर जो हंगामा हो रहा है, वह बिल्कुल जायज और स्वाभाविक है. उन्होंने याद दिलाया कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से ही भारतीय फ्रेंचाइजियों ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाडिय़ों से पूरी तरह दूरी बना ली थी, लेकिन अब विदेश की लीग में उन्हें खरीदना पूरी तरह से समझ से परे है.
इनकम टैक्स के पैसों से खरीदे जाते हैं हथियार और बारूद
गावस्कर ने अपने कॉलम में बेहद सीधा और कड़वा सच लिखते हुए कहा कि पाकिस्तानी खिलाडिय़ों को दी जाने वाली करोड़ों की फीस का एक बड़ा हिस्सा इनकम टैक्स के रूप में उनकी सरकार के पास जाता है. उसी टैक्स के पैसों से पाकिस्तान हथियार और बारूद खरीदता है, जिनका इस्तेमाल भारतीय सैनिकों और बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ सीमा पर और देश के अंदर होता है. उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि अगर कोई भारतीय संस्था या उसकी विदेशी कंपनी पाकिस्तानी खिलाडिय़ों को पेमेंट कर रही है, तो वह अनजाने में ही सही, भारतीयों के हताहत होने में अपना योगदान दे रही है. यही सबसे बड़ी वजह है कि भारत में पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाडिय़ों के काम करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है.
मालिक को होनी चाहिए थी हालात की समझ
सनराइजर्स के कोच डेनियल वेटोरी के फैसले पर टिप्पणी करते हुए गावस्कर ने कहा कि न्यूजीलैंड से होने के कारण शायद वेटोरी इस गंभीर बात को न समझें और अपनी टीम की मजबूती के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ी चाहें. लेकिन, टीम की मालकिन को दोनों देशों के बीच के तनाव और हालात की पूरी समझ होनी चाहिए थी. उन्हें खुद आगे आकर इस खरीदारी पर रोक लगानी चाहिए थी. गावस्कर ने बेहद चुभता हुआ सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या एक ऐसे फॉर्मेट का टूर्नामेंट जीतना, जिसे दुनिया का कोई और देश खेलता तक नहीं, वह भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है? गौरतलब है कि 2008 के मुंबई हमले के बाद 2019 का पुलवामा हमला और पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमलों ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आने वाला है.
