चालू वित्त वर्ष में 36 बार में लिया 67 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कर्ज का ठोस रोडमैप जनता के सामने रखें
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन और बार-बार लिए जा रहे कर्ज को लेकर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले सत्र में कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करेगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट सत्र से ठीक पहले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेना चिंताजनक है। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार 36 बार में कुल 67,300 करोड़ रुपये की उधारी ले चुकी है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कुल कर्ज का करीब पांच फीसदी हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश को कर्ज के पहाड़ की नहीं, बल्कि जवाबदेह और दूरदर्शी नीति की जरूरत है। सरकार इस उधारी का ठोस रोडमैप जनता के सामने रखे।
दूषित पानी से हुई मौतों पर भी घेरा
कर्ज के अलावा, सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे सरकारी संवेदनहीनता का चरम बताते हुए कहा कि कांग्रेस विधानसभा में इस त्रासदी को पूरी मजबूती से उठाएगी। विपक्षी दल का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और दोषियों की जवाबदेही तय करना है।
