श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा कॅरियर मार्गदर्शन
ईपीएफ न भरने वाले नियोक्ताओं की जानकारी अब पोर्टल पर होगी सार्वजनिक
भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक को श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में श्रमिकों के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान और उनके भविष्य को संवारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंडल ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।
पटेल ने स्पष्ट किया कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना मंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में तय किया गया कि मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी, प्रारंभिक स्तर पर ही कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को जागरूक किया जाएगा। श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए मंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो प्रिंसिपल एम्प्लॉयर सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा नहीं कर रहे हैं, उनकी जानकारी अब पोर्टल पर सार्वजनिक की जाएगी। साथ ही भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का मनोबल बनाए रखना शासन की जिम्मेदारी है। वेतनमान से जुड़े लंबित मामलों में देरी उनकी कार्यकुशलता को प्रभावित करती है, इसलिए सभी प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सिलाई केंद्रों का विस्तार और नियमितीकरण
बैठक में श्रमिक कल्याण से जुड़ी अन्य गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि चचाई और इंदौर में सिलाई केंद्रों को फिर से शुरू किया जा रहा है। वर्तमान में 27 में से 17 केंद्र सक्रिय हैं। दैनिक वेतन भोगियों के नियमितीकरण और नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विमर्श हुआ। मंडल द्वारा संचालित केंद्रों पर कंप्यूटर प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण और खेलकूद गतिविधियों को निरंतर जारी रखा जाएगा।
