प्रतिदिन 213 करोड़ का कर्ज, आर्थिक दिवालियापन की ओर जा रहा प्रदेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और केंद्र की व्यापार नीतियों को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार कर्ज लेने के मामले में पिछले सभी मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ चुकी है।
पटवारी ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार अब तक 1.78 लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। हालिया 5200 करोड़ के कर्ज को जोड़ लिया जाए, तो प्रदेश पर प्रतिदिन लगभग 213 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का आकार सिर्फ कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने के लिए बड़ा दिखाया जा रहा है और सरकार अब जनता से भी कर्ज लेने की नौबत पर आ गई है, जो आर्थिक दिवालियापन का संकेत है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेच रही है। उन्होंने कहा अब तक 101 संपत्तियां मात्र 1100 करोड़ रुपये में बेची जा चुकी हैं। अतिथि शिक्षकों और कई विभागों के कर्मचारियों को 6-6 महीने से वेतन नहीं मिला है। सरकार विकास के बजाय केवल प्रचार और ’अभिनंदन’ कार्यक्रमों में व्यस्त है।
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
पटवारी ने भाजपा पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार ओबीसी हितैषी होने का ढोंग करती है, दूसरी ओर सरकारी धन से महंगे वकील कर ओबीसी आरक्षण को रोकने की साजिश रच रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर ष्श्वेत पत्र जारी करे।
मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
पटवारी ने गंभीर घटनाओं का हवाला देते हुए दो मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र ष्शुक्ल को 26 मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया वहीं नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 32 मौतों के लिए जिम्मेदार बताते हुए मांग की कि इन मंत्रियों से मुख्यमंत्री को इस्तीफा लेना चाहिए।
